हृदय को चीर कुछ हिन्दी कविताएं आपके समक्ष प्रस्तुत हैं।
दुनिया की आंख के नीचे खड़े मैंने देखा
देखा कि
सफलता आ रही है
देखते ही मैंने इशारा किया
रुक जाओ
ये दुनिया
नहीं मिलने देगी
मुझे तुमसे
इसलिए
अंधेरे में आना।
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